
ब्यापारी के भाई का मैसेज ने बांध दिया था पुलिस का हाथ
चन्दौली। सकलडीहा ब्यापारी सुमित रस्तोगी गुमशुदा होने के सात दिन बाद रहस्यमय ढंग से पुलिस को मिला। पुलिस इस मामले में पहले दिन से ही गम्भीरता दिखाती। लेकिन कुछ ऐसे साक्ष्य मिले थे जिससे इस गुमशुदगी को पुलिस बहुत गम्भीरता से नही ले रही थी। जिसका कारण रहा कि पुलिस के आला अधिकारी ब्यापारी के घरवालों से पूछताछ करना शुरू किए थे। लेकिन उन अनजान पहलुओं से अनभिज्ञ सकलडीहा ब्यापार मंडल धरना प्रदर्शन कर मामले को गम्भीर बना दिया। पुलिस उस पहलू को सार्वजनिक न कर अपनी खुफिया एजेंसी को सक्रिय कर दिया। जिसके परिणाम यह रहा कि धरना प्रदर्शन के आठ घंटे बाद ही ब्यापारी बबुरी थाना के मवैया गांव के बाहर हाथ पैर खुला और मुंह बंधे हालात में मिल गया। पुलिस
29 मार्च की शाम को सात बजे ब्यापारी सुमित रस्तोगी तकादा के लिए बाजार में निकले थे। लेकिन रात्रि में घर नही आये। लेकिन रात्रि के 09 बजे ही सुमित के भाई को यह जानकारी हो गयी कि सुमित गुमशुदा हो गया। जिसका परिणाम था कि वह अपने भाई को दर्जनों बार फोन किया। लेकिन रिस्पॉन्स न मिलने पर उसने ब्यापारी के व्हाट्सअप पर पांच मैसेज किया। रात्रि के 09 बजकर 46 मिनट पर उसने अपने भाई के नम्बर पर फ्राड शब्द लिखकर भेजा। उसके तुरंत बाद पैसा दो मेरा दूसरा मैसेज भेजा। इन दोनों मैसेज के बाद फरार हो करके लगातार तीन मैसेज अपने भाई के नम्बर पर भेजा। लेकिन दूसरी तरफ से मोबाइल फ्लाइट मोड़ में होने की वजह से कोई जबाब नही आया। पुनः उसने रात्रि के 10 बजकर 53 मिनट पर एक मैसेज व्हाट्सप पर घर छोड़कर भाग गए लिखकर भेजा। उसके एक मिनट बाद 10 बजकर 54 मिनट पर फ्राड शब्द लिखकर भेजा। लेकिन इन मैसेज का कोई जबाब नही आया।

ब्यापारी के पास दो मोबाइल है। जिसमे एक नम्बर पर केवल फोन आता है। जबकि दूसरे मोबाइल में वह अपने डिजिटल एप का प्रयोग करता है। पुलिस को बात चीत बाली मोबाइल घर से कुछ दूर स्थित एक धीमड के मड़ई में खोंसा मिला था। यह परिजन पुलिस को बताये। जबकि दूसरा मोबाइल ब्यापारी के पास होना बताया गया। पुलिस पहले दिन पूरी उत्साह के साथ सकलडीहा आने जाने वाले अभी रास्तों पर लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाल ली। लेकिन कोई सुराग नही लगा।
जब पुलिस अपने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से ढूंढना शुरू किया तब व्यपारी के परिजन दूसरी मोबाइल ब्यापारी के बेड पर पड़ा होना बताकर स्विच ऑफ हालात में पुलिस को दिया। पुलिस के लोग जैसे ही मोबाइल को खोले उसमें एक नम्बर से पांच मैसेज देखकर नम्बर की कुंडली खंगालना शुरू किया। जब सुमित के भाई को इस बात का अंदाजा था तो आखिर सात दिन तक ब्यापारी और प्रशासन को क्यों छकाया। पुलिस सूत्र की माने तो उस नम्बर की कुंडली से जो साक्ष्य मिले है पुलिस की एक टीम उसपर कार्य कर रही है।
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